सोमवार 25 मई 2026 - 13:21
ईरान की वफादार सेना के सामने कोई ज़ालिम ताकत नहीं टिक सकती

हौज़ा / ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर क़ालीबाफ ने कहा है कि ईरान की मुख़्लिस ईमानदार और वफादार सेना के सामने कोई भी अत्याचारी ताकत खड़ी नहीं रह सकती।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , क़ालीबाफ ने ख़ुर्रमशहर की आज़ादी की सालगिरह के मौके पर ईरानी योद्धाओं की बहादुरी को सराहा। रविवार को जारी एक संदेश में उन्होंने कहा, 24 मई 1982 को दक्षिणी शहर ख़ुर्रमशहर की आज़ादी ने यह साबित कर दिया कि इमाम खुमैनी (रह.) के वफादार मुजाहिदीन अज़्म शुजाअत (बहादुरी) और क़ुरबानी (बलिदान) के जज़्बे से सरशार थे।

संसद अध्यक्ष ने प्रमुख सैन्य कमांडरों अहमद काज़िमी और अली सय्याद शिराज़ी सहित अन्य हस्तियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन बहादुर कमांडरों ने "नामुमकिन को मुमकिन बना दिया और यह सबक दिया कि ईमान, योजना, साहस और अल्लाह पर भरोसा कामयाबी की गारंटी हैं।

मोहम्मद बाकिर क़ालीबाफ ने वर्तमान ईरानी सशस्त्र बलों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के सैन्य कर्मी अतीत के महान कमांडरों के रास्ते पर चल रहे हैं और देश के बहादुर रक्षकों की याद को जीवित रखे हुए हैं।

गौरतलब है कि 1982 में ईरानी सशस्त्र बलों ने भीषण लड़ाई के बाद ख़ुज़ेस्तान प्रांत के शहर ख़ुर्रमशहर को सद्दाम की सेना से वापस ले लिया था।

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